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दौर....

वो दौर था बुतपरस्तो का, आये *मुस्तफा* ﷺ नूर बन कर... वो दौर था गुमराही का, आये *गौस पाक* पीराने पीर बन कर.... वो दौर था जहालत का, आये *ख्वाज़ा ग़रीब नवाज़* बन कर..... वो दौर था नज़दियो का, आये *आला हज़...

DJ वाला और काज़ी

*DJ* वाले को दस हज़ार और *निकाह* पढ़ाने वाले *काज़ी* को पाचं सौ रुपये दिये जाते हैं और उसके बाद यह उम्मीद करते है की जिन्दगी खुशहाल गुज़रेगी... जब शुरूआत ही शैतानी हरकत से होगी तो बच्...

मुसलमान और घोड़े

मुसलमान और घोड़े दोनो कभी मैदान ए जंग की शान हुआ करते थे। आज दोनो ही शादियों में नाचते नज़र आते हैं।